Sunday, May 13, 2012

नाराज़गी भी है तुमसे

         सभी दोस्तों को नमस्कार ! लीजिए आज पुनः एक रचना अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर रहा हूँ। हालांकि ये किसी स्टूडियो की रिकार्डिंग नही हैं और इसमें गायन, वादन और रिर्कार्डिंग एक साथ हुई है जैसे पुरानी फिल्मों में सारा काम एक साथ होता था, फिर भी  आशा है आप को ये पसन्द आयेगी...ये मेरी रचना इसी ब्लाग में आप को पूर्व प्रकाशित मिलेगी। यहाँ केवल तीन अन्तरे ही हैं...
              अगर ऊपर यू ट्यूब में कोई समस्या हो तो इस रिकार्डिंग को आप यहाँ भी सुन सकते हैं...
                                    http://www.divshare.com/download/17669250-ad9 
                                                                      OR
                                    http://www.youtube.com/watch?v=FscljyX0bKw&feature=plcp
 आजकल फ़ायर फ़ाक्स में यू-ट्यूब काम नहीं कर रहा, इसलिये आप से ये अनुरोध है की आप इसे गूगल क्रोम में देखने का कष्ट करें....
             
धीरेन्द्र जी की इच्छा है कि मैं आवाज़ के साथ-साथ वह रचना भी पोस्ट कर दूँ...तो लीजिए प्रस्तुत है गाई हुई उक्त रचना...
 नाराजगी भी है तुमसे प्यार भी तो है ।
दिल तोड़ने वाले तू मेरा यार भी तो है ।

मुझे बेकरार कर गयी है ये तेरी बेरुखी,
और उसपे सितम ये तू ही करार भी तो है।

जब चाहता हूँ इतना तो क्यों ख़फ़ा न होऊं,
तेरे बिना मेरा जीना दुश्वार भी तो है ।

तुमसे ही मेरी जिन्दगी वीरान हुई है,
तुमसे ही जिन्दगी ये खुशगवार भी तो है।

दोनों के लुत्फ़ हैं यहां इस एक इश्क में,
कुछ जीत भी है इश्क में कुछ हार भी तो है।

वैसे तो मेरा दिल जरूर तुमसे ख़फ़ा है,
तुमको ही ढूंढता ये बार बार भी तो है ।

अब सोच रहा हूँ अपनी नई रचनायें भी ऐसे ही पोस्ट करूँ... आप का क्या ख़याल है....

27 comments:

  1. सुंदर स्वर में सुंदर रचना।

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  2. Good composition and recitation .

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  3. सुंदर प्रयास ...!
    शुभकामनायें ...!!

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  4. बहुत बढ़िया प्रस्तुति!!!

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  5. मेरे साइट में आडियो नही खुल पाया
    कुछ ऐसा करें कि आपके ब्लाग को खोालते ही आडियो चलने लगे।


    टिप्पणियों से उत्सुकता जागती है।

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  6. सुंदर आवाज़ में बेहतरीन ग़ज़ल।

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति......

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  8. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  9. बहुत सुन्दर...

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  10. दम है आपकी आवाज़ में प्रसन्नवदन जी ... और काज़ल के बोल तो सुभान अल्ला ...

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  11. बहुत उम्दा...मज़ा आ गया...गीत और गायन दोनों ने मस्त कर दिया...

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  12. मज़ा आ गया...गीत और गायन सुन कर...बधाइयाँ...

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  13. वाह वाह आप तो बही अच्छा गाते हैं .......:))

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  14. सुन्दर प्रस्तुति । मेरे नए पोस्ट पर आपका पुन: स्वागत है । धन्यवाद ।

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  15. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति\ बधाई।

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  16. बहुत प्यारी प्रस्तुति, सुन कर आनंद आ गया. बधाई.

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  17. क्या बात है!
    प्यार जिनसे होता है, नाराजगी भी उन्हीं से होती है..
    बढ़िया लगा..
    सुन नहीं पाया हूँ पर यह तरीका अच्छा है पोस्ट करने का.. जारी रखें..

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  18. sundar prastuti ....sprem abhar chaturvedi ji

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  19. ग़ज़ल भी बहुत अच्छी है और गायन भी पहली बार आपको सुना और पढ़ा अच्छा लगा जुड़ रही हूँ आपके ब्लॉग से मेरे ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है

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  20. कृपया मेरी रचना भी देखे अच्छी लगे तो जुड़े

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  21. बहुत सुंदर रचना आपकी आवाज अच्छी है !
    आभार मेरे ब्लॉग पर आने का !

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  22. काफी अच्छी आवाज है आपकी और गीत शायद केवल केसीओ पर गाया गया है बाकी साज भी होते तो ओर मजा आता

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  23. aawaj madhur aur mohak hai samarpan bhi hai .rachna ka bhav bhi achchha hai par rachna mein vo flow nahin hai is baat ko aap khud mahsoos kar sakte hain doosare ki rachna samjhkar.han prayaas sarhnaeey hai ismein koi shak nahin hain.shubh kaamnayen!!

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