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Monday, April 27, 2020

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं....

दोस्तों ! आइये इस गीत का आनन्द लेते हैं....



Friday, September 28, 2018

लता जी के जन्मदिन पर एक गीत.....

भारतीय फिल्म जगत की महान गायिका लता मंगेशकर जी का आज जन्मदिन है | प्रस्तुत है इस अवसर पर फिल्म खानदान का एक गीत जिसमें मेरा साथ दिया है मेरी पत्नी श्रीमती कंचनलता तथा बेटी शाम्भवी ने....इसे आप मेरे यू-ट्यूब चैनल पर भी सुन सकते हैं....


Sunday, September 25, 2016

ऐ दिल है मुश्किल ( Cover song)

प्रस्तुत है "ऐ दिल है मुश्किल" ( A Cover song by Shambhavi )

Monday, November 9, 2015

धीरे-धीरे से मेरी ज़िन्दगी में आना...

Dheere dheere se meri zindagi me aana
(A cover song by Shambhavi Chaturvedi)
Credits goes to its original composer,lyricist and singer.
Music support in this video :- pbchaturvedi

Monday, May 18, 2015

चाँद आहें भरेगा, फूल दिल थाम लेंगे

मित्रों ! मुकेश जी का एक प्यारा-सा गीत आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूँ | आप इसे यू-ट्यूब पर सुनकर अपनी कीमती राय से अवगत कराने का कष्ट करें.....

                                    
चाँद आहें भरेगा, फूल दिल थाम लेंगे
हुस्न की बात चली तो, सब तेरा नाम लेंगे

ऐसा चेहरा है तेरा, जैसे रोशन सवेरा
जिस जगह तू नही है, उस जगह है अंधेरा
कैसे फिर चैन तुझ बिन तेरे बदनाम लेंगे

आँख नाजुक-सी कलियाँ, बात मिस्री की ड़लियाँ
होंठ गंगा के साहिल, जुल्फें जन्नत की गलियाँ
तेरी खातिर फरिश्तें सर पे इल्ज़ाम लेंगे

चुप ना होगी हवा भी, कुछ कहेगी घटा भी
और मुमकिन है तेरा, जिक्र कर दे खुद़ा भी
फिर तो पत्थर ही शायद ज़ब्त से काम लेंगे

Chaand aahein bharega : A tribute to mukesh by PBChaturvedi
Movie : Phool Bane Angare (1963)
Lyricist : Anand Bakshi
Music Director : Kalyanji Anandji

Sunday, May 10, 2015

जुबां पे दर्द भरी दास्तां चली आई...

मित्रों ! आज मुकेश जी का गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जो फिल्म मर्यादा से लिया गया है | आशा है आप को अवश्य पसंद आयेगा......

Thursday, December 25, 2014

चन्दन-सा बदन चंचल चितवन- A tribute to Mukesh by pbchaturvedi

आप सभी को नववर्ष की बहुत बहुत बधाई  और  मंगलमय शुभकामनाएं....
मित्रों ! मैं अपने  प्रिय गायक मुकेश जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ....
इस गीत का वास्तविक आनंद Youtube पर सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप मेरी मेहनत को सफल बनाएं और वहां इसे जरूर सुनें...
आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें...


Chandan sa badan-A tribute to Mukesh by pbchaturvedi
Film- Saraswatichandra(1968)
Singer- Mukesh
Directed by Govind Saraiya
Starring -    Nutan, Manish
Music -     Kalyanji-Anandji
Cinematography-     Nariman A. Irani    
The film was based on Saraswatichandra, a Gujarati novel, by Govardhanram Madhavram Tripathi, set in 19th-century feudalism in India. It also won the National Film Awards in the Best Cinematography and Best Music Director categories.
(Some free pictures/paintings of Raja Ravi Verma are taken and used from http://commons.wikimedia.org in this video)

आप सभी को क्रिसमस की बहुत बहुत बधाई...

Sunday, December 7, 2014

जिस दिल में बसा था प्यार तेरा

मित्रों ! आज मुकेश जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो आशा है आपको पसंद आयेगी....
इस रचना का वास्तविक आनंद Youtube पर सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप मेरी मेहनत को सफल बनाएं और वहां इसे जरूर सुनें...


Sunday, October 26, 2014

श्री रामदरश मिश्र जी की एक कविता/कंचनलता चतुर्वेदी

मित्रों ! मैं आज से एक नै शुरुआत कर रहा हूँ | वह है- पुराने रचनाकारों की रचनाओं को कवितापाठ के जरिये आपतक पहुँचाना | इस क्रम में श्री रामदरश मिश्र जी की कविता श्रीमती कंचनलता चतुर्वेदी के स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ | आशा है पुराने रचनाकारों को सम्मान देने का यह तरीका आपको जरूर पसंद आयेगा |इस रचना का वास्तविक आनंद Youtube पर सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप मेरी मेहनत को सफल बनाएं और वहां इसे जरूर सुनें...
 

Tuesday, July 22, 2014

अमर गायक मुकेश के जन्मदिन पर....

मित्रों ! आज मेरे प्रिय गायकों में से एक मुकेश जी का जन्मदिन है | हालांकि मैं इस समय टान्सिल से परेशान हूँ पर पर इस दिन को ऐसे नहीं जाने दूंगा | इसलिए मुकेशजी का ये गीत आज प्रस्तुत कर रहा हूँ....


Sunday, June 29, 2014

दर्द दिलों के कम हो जाते....

शाम्भवी की आवाज़ में लीजिए एक नए फिल्म का ये गीत प्रस्तुत है...

Friday, May 30, 2014

बड़ी दूर से आये हैं....

मित्रों ! अपना एक मनपसंद गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जो आशा है आप को भी पसंद होगा....

आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें ताकि आप मेरी ऐसी रचनाएं पुन: देख और सुन सकें

Monday, May 5, 2014

सुनो न संगेमरमर....

लीजिए प्रस्तुत है शाम्भवी की आवाज़ में एक गीत...


Thursday, April 24, 2014

मतदान कीजिए/प्रांचन प्रणव चतुर्वेदी

इस चुनाव के मौसम में एक सन्देश अपने बेटे की आवाज़ में प्रस्तुत कर रहा हूँ | इसे आप YOUTUBE पर सुनने और Subscribe का कष्ट करें...

मतदान कीजिए सभी मतदान कीजिए
इस लोकतंत्र पर्व का सम्मान कीजिए

संसद में जो भी जाए वो आदमी अच्छा हो,
हर शख्स से ये आप आह्वान कीजिए

मतदान करना है जरूरी दान की तरह,
किसी पात्र व्यक्ति को ही ये दान कीजिए

अपराधी आ रहे हैं राजनीति में बहुत,
पूरे न आप उनके अरमान कीजिए

Thursday, April 10, 2014

भूली हुई यादों...

       मित्रों  ! मेरे  प्रिय गायकों में से एक रहे हैं- मुकेश | इनका गाया हुआ एक गीत अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर रहा हूँ | आप इसे सुने और बतायें कि मेरा यह प्रयास कैसा रहा ? साथ ही यू-ट्यूब पर इसे LIKE या SUBSCRIBE करने का भी कष्ट करें.....


Monday, April 7, 2014

भजन :- जय जय जय हे दुर्गे देवी

नवरात्रि के अवसर पर  दुर्गा जी का एक भजन प्रस्तुत कर रहा हूँ | आप इसे सुनें और भक्ति में डूब जाएँ......


आप सभी को रामनवमी की शुभकामनायें.....

Sunday, March 16, 2014

हास्यकविता/ जोरू का गुलाम

     मित्रों ! होली के अवसर पर एक हास्य - कविता का आडियो प्रस्तुत कर रहा हूँ | मजे की बात ये है कि ये रचना मैंने उस समय लिखी थी जब अभी मेरी शादी नहीं हुई थी | आशा है आप को ये जरूर पसंद आयेगी.....
                        आप सभी को होली की शुभकामनाएं...
      इस रचना का असली आनंद सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि नीचे दिए गए लिंक पर इसे जरूर सुनें | आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें...

भयवश नहीं परिस्थितिवश मैं करता हूँ सब काम।
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।

सुबह अगर बीबी सोई हो, चाय बनाना ही होगा;
बनी चाय जब पीने को तब उसे जगाना ही होगा;
चाय बनाना शौक है मेरा हो सुबह या शाम.......
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।

मूड नहीं अच्छा बीबी का फ़िर पति का फ़र्ज है क्या;
बना ही लेंगे खाना भी हम आखिर इसमें हर्ज है क्या;
इसी तरह अपनी बीबी को देता हूँ आराम.....
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।

वो मेरी अर्धांगिनी है इसमें कोई क्या शक है;
इसीलिये तनख्वाह पे मेरे केवल उसका ही हक है;
मेरा काम कमाना है बस खर्चा उसका काम.....
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।

                          आप सभी को होली की शुभकामनाएं...

Sunday, January 26, 2014

मेरा नाम करेगा रोशन...

        आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं... इस अवसर पर आज मन्ना डे जी का गाया यह मशहूर गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ.....शायद शहीद देशभक्तों ने भी भावी पीढ़ी के बारे में यही सोचा होगा... है न !


Tuesday, November 26, 2013

अमर गायक मुकेश और मेरा संगीत

         दोस्तों ! मैं प्रारम्भ से ही मुकेश का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूँ | बल्कि ये कहिये की मेरी संगीत में रूचि ही मुकेश जी की वजह से प्रारम्भ हुई | एक बार बचपन में उनका गीत रेडियो पर सुना-"जाने चले जाते हैं कहाँ" और अगले ही पल जब उद्घोषक ने ये कहा कि मुकेश जी की पुण्यतिथि पर यह गीत प्रसारित हो रहा है तो मेरे बदन में सिहरन-सी दौड़ गयी थी | तभी मैंने महसूस किया कि वह व्यक्ति जो अब ज़िंदा नहीं है, अपनी आवाज़ के रूप में कितना हमारे करीब है | सच पूछिए तो तभी से संगीत मुझे लुभाने लगा था | अपने पिताजी के डर से और माँ के सहयोग से मैंने चोरी-छिपे बनारस के बुलानाला में स्थित "गुप्ता-संगीतालय" से हारमोनियम और गिटार सीखा | फिर दो साल संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में प० जमुना प्रसाद मिश्र जी से तबला तथा प० जालपा प्रासाद मिश्र जी से गायन सीखा | एल-एल-बी० करने  के कारण गायन अधूरा रहा पर बाद में मैंने संगीत में अपना सीखना जारी रखा, हालांकि यह क्रमबद्ध नहीं हो पाया | संगीत से दूर रहना मुश्किल था, शायद इसीलिये बाद में संगीत की और दो उपाधियाँ मैंने ली |
       मुकेश जी के प्रभाव से संगीत से जुड़ा, इसलिए मैं उनके गीत खूब गाता और गुनगुनाता रहता था | उन दिनों मैं अक्सर मुंशी-घाट पर गर्मियों में नहाने जाया करता था, जहाँ देर तक मैं गंगा जी में नहाता और मुकेश के गीत गाता रहता था | उनके गीतों की और कई खूबसूरत यादें मेरे साथ जुड़ी हुई हैं जिन्हें मैं बाद में आपसे जरूर बताना चाहूँगा | 

Friday, November 8, 2013

दो छठ-गीत

      मित्रों ! छठ-पर्व के अवसर पर दो छठ-गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ | पहला गीत लिखा है मेरी माँ श्रीमती शैलकुमारी ने और दोनों गीतों को स्वर दिया है मेरी धर्मपत्नी श्रीमती कंचनलता और मेरी पुत्री शाम्भवी ने ....