मित्रों ! होली के अवसर पर एक हास्य - कविता का आडियो प्रस्तुत कर रहा हूँ | मजे की बात ये है कि ये रचना मैंने उस समय लिखी थी जब अभी मेरी शादी नहीं हुई थी | आशा है आप को ये जरूर पसंद आयेगी.....
आप सभी को होली की शुभकामनाएं... इस रचना का असली आनंद सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि नीचे दिए गए लिंक पर इसे जरूर सुनें | आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें...
भयवश नहीं परिस्थितिवश मैं करता हूँ सब काम।
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।
सुबह अगर बीबी सोई हो, चाय बनाना ही होगा;
बनी चाय जब पीने को तब उसे जगाना ही होगा;
चाय बनाना शौक है मेरा हो सुबह या शाम.......
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।
मूड नहीं अच्छा बीबी का फ़िर पति का फ़र्ज है क्या;
बना ही लेंगे खाना भी हम आखिर इसमें हर्ज है क्या;
इसी तरह अपनी बीबी को देता हूँ आराम.....
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।
वो मेरी अर्धांगिनी है इसमें कोई क्या शक है;
इसीलिये तनख्वाह पे मेरे केवल उसका ही हक है;
मेरा काम कमाना है बस खर्चा उसका काम.....
फ़िर भी लोग मुझे कहते हैं जोरू का गुलाम.......।
आप सभी को होली की शुभकामनाएं...
होली की हार्दिक शुभकामनाऐं गुलाम को भी बेगम को भी बादशाह को भी और इक्के को भी होली रंगरंगीली हो :)
ReplyDeleteसुंदर रचना...रंगों से सराबोर होली की शुभकामनायें...
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ReplyDeleteब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन होली की हार्दिक मंगलकामनाएँ - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
बहुत खूब...हास्य रंग यूँ ही बरसता रहे…होली की हार्दिक शुभकामनाएँ...
ReplyDeleteबहुत खूब बहुत खूब
ReplyDeletenice post
ReplyDeletehappy holi sir...:-)
बहुत ही सुंदर प्रस्तुति...!
ReplyDeleteसपरिवार रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाए ....
RECENT पोस्ट - रंग रंगीली होली आई.
बहुत सुन्दर
ReplyDeleteहोली की हार्दिक शुभकामनाऐं ।
new post: ... कि आज होली है !
कुछ तो लोग कहेंगे .. लोगों का काम है कहना .. वैसे सब यही करते हैं ... हा हा ..
ReplyDeleteआपको और परिवार में सभी को होली कि मंगल कामनाएं ...
बहुत सुंदर रचना.... होली की शुभकामनाएं ....
ReplyDeleteबहुत सुन्दर प्रस्तुति . होली की शुभकामनायें
ReplyDeleteरंगीन होली/HAPPY HOLI.
ReplyDeleteबहुत सुंदर.
ReplyDeleteहोली कि शुभकामनाएँ !
होली के अवसर पर अच्छी हास्य-व्यंग्य भरी कविता । शुभकामनाएं ।
ReplyDeletebahut bahut shubhkamnayein
ReplyDeleteआपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !
ReplyDeleteविशुद्ध हास्य रस के रंगों से सरोबार रचना ....बहुत बढ़िया..होली की शुभ कामनाएं
ReplyDeleteसुन्दर हास्यव्यंग
ReplyDeleteHappy holi. thanks for a good poem.
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना...
ReplyDeleteबहुत ख़ूब!
ReplyDeleteप्रशंसनीय प्रस्तुति । आप क़लम के धनी हैं ।
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